Hindi Essay on “Himpat ka Drishya”, “हिमपात का दृश्य” Hindi Paragraph, Speech, Nibandh for Class 6, 7, 8, 9, 10 Students.

हिमपात का दृश्य

Himpat ka Drishya 

 

हिमपात का दृश्य अत्यंत मोहक होता है। हम गत सप्ताह मसूरी में थे। जनवरी के दिन थे। दो दिन तक भारी हिमपात हुआ। जमीन पर आधा मीटर तक बरफ़ जम गई। यह बरफ़ ठोस रूप में न होकर श्वेत शंख जैसे रूप में बिछी थी। घरों के चारों ओर जो बाड लगाई गई थी. उसकी लोहे की जालिया बरफ़ से मढ़कर चाँदी की-सी हो गई थीं। तार भी शैव्यमय हो गए थे। देवदार के वृक्ष अधिक सुंदर प्रतीत हो रहे थे। हिमपात में सैलानियों की भीड़ का बढ़ जाना स्वाभाविक ही है। पर्यटक अपनी-अपनी स्टिक लेकर स्कीइंग के लिए बाहर निकल आए थे। बच्चे एक-दूसरे पर बरफ़ के गोले फेंककर मस्ती करने लगे। हिमपात का अपना ही मज़ा होता है।

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